September 11, 2026 6:01 pm

सजा सुनते ही टूटा बंदी, शहडोल जेल में गला काटकर आत्महत्या की कोशिश

शहडोल

न्यायालय से आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद एक बंदी ने जिला जेल में खौफनाक कदम उठा लिया। बुधवार सुबह बंदी ने किसी धारदार वस्तु से अपना गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिससे जेल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जेल प्रशासन ने बंदी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार जारी है और हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार बंदी पंकज कटारे मंगलवार को न्यायालय से दुष्कर्म एवं पाक्सो एक्ट के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद से तनाव में था। बुधवार सुबह जब सुरक्षाकर्मी बैरक खोलने पहुंचे तो उन्हें बंदी की चादर पर खून के निशान दिखाई दिए।

संदेह होने पर जब सुरक्षाकर्मी पास पहुंचे तो देखा कि पंकज कटारे के हाथ में टीन की चादर का छोटा नुकीला टुकड़ा था, जिससे वह अपने गले को काट रहा था। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उसे रोका और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी।

इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जन डाॅ. अपूर्व पांडे ने उसका उपचार किया। डाॅक्टरों ने बताया कि बंदी के गले में गहरा घाव था, जिस पर चार टांके लगाए गए हैं। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है और संभवतः गुरुवार तक उसे अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

जेलर सुनील बैशवाड़े ने बताया कि पंकज कटारे पिछले एक वर्ष से जेल में बंद है और इस दौरान उससे मिलने उसके परिजन कभी नहीं आए और न ही किसी वकील की व्यवस्था की गई। शायद इसी कारण वह मानसिक तनाव में था और आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद उसने यह कदम उठाया।

जानकारी के अनुसार पंकज कटारे पहले भी दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट चुका है। करीब एक साल पहले ही वह जेल से छूटा था, जिसके बाद उसने पांडवगर क्षेत्र में एक सुनसान घर में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था, जिसके बाद से वह फिर जेल में बंद था।

 

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Author: Editor

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