September 11, 2026 5:57 pm

संविदा कर्मियों के लिए खुशखबरी, 65 वर्ष तक सेवा जारी रखने की अनुमति

भोपाल

 राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), मध्य प्रदेश में कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभव को तरजीह दी गई है। विभाग ने अपने संविदा मानव संसाधन (एचआर) मैनुअल 2025 के नियमों में बड़ा संशोधन किया है। नए प्रविधान के तहत अब 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके अनुभवी कर्मचारी विशेष परिस्थितियों में आगे भी अपनी सेवाएं दे सकेंगे। मिशन कार्यालय द्वारा जारी इस आदेश से उन कर्मचारियों का रास्ता साफ हो गया है जो रिटायरमेंट के बाद भी विभाग को अपनी सेवाएं देना चाहते थे।

मिशन संचालक को मिले विशेष अधिकार

पुराने नियमों के मुताबिक, एलोपैथिक डॉक्टरों को छोड़कर बाकी सभी संविदा कर्मचारियों के लिए काम करने की अधिकतम उम्र सीमा 65 साल ही तय थी। अब इसमें बदलाव कर मिशन संचालक को विशेष अधिकार दिए गए हैं। यदि कोई सेवानिवृत्त कर्मचारी या अधिकारी शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ है, तो मिशन संचालक विशेष स्थिति में उन्हें 65 साल की उम्र के बाद भी आगामी वर्षों के लिए कार्य करने की अनुमति दे सकेंगे।

एलोपैथिक डॉक्टरों पर लागू नहीं होगा नियम

संशोधित नियमों में यह स्पष्ट किया गया है कि 65 साल के बाद कार्यकाल बढ़ाने की यह छूट एलोपैथिक स्नातक (एमबीबीएस) और स्नातकोत्तर (एमडी/एमएस) चिकित्सा अधिकारियों पर लागू नहीं होगी। विभाग का मानना है कि इस बदलाव से स्वास्थ्य मिशन को उन अनुभवी प्रशासनिक और तकनीकी स्टाफ का लाभ मिलता रहेगा, जो लंबे समय से मिशन की योजनाओं को धरातल पर उतारने का अनुभव रखते हैं।

अनुभवी कर्मचारियों की कार्यक्षमता का लाभ लेने के लिए एचआर मैनुअल में यह संशोधन किया गया है। फिट होने की स्थिति में मिशन संचालक के पास कार्यकाल बढ़ाने का अधिकार रहेगा। – डॉ. राकेश बौहरे, वरिष्ठ संयुक्त संचालक (एचआर), एनएचएम म.प्र.

 

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Author: Editor

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