September 12, 2026 2:29 pm

मणिपुर में सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, भारत-म्यांमार बॉर्डर के पास 4 उग्रवादी पकड़े गए

 इंफाल

मणिपुर में सुरक्षा बलों को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, जहां अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, ये कार्रवाई दो अलग-अलग जिलों में की गई. इस ऑपरेशन में स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की भी अहम भूमिका रही. खास बात यह है कि इनमें से कुछ गिरफ्तारियां भारत-म्यांमार सीमा के पास हुई हैं, जो लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों का संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है. इस कार्रवाई से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा संदेश गया है। 

पुलिस के बयान के अनुसार, शनिवार को सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस की संयुक्त टीम ने तेंगनौपाल जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास स्थित यांगौबुंग गांव के आसपास से दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया. इनकी पहचान थोखचोम इंगोचा सिंह (31) और थोखचोम रघुनाथ मेइती (48) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि ये दोनों अलग-अलग प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की नजर में थे. इस इलाके में अक्सर उग्रवादी गतिविधियों की खबरें सामने आती रही हैं। 

इसी दिन एक अन्य कार्रवाई में इम्फाल ईस्ट जिले के पैलेस कंपाउंड इलाके से एक और उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया. इस आरोपी की पहचान लैशराम इनाओटोम्बा सिंह (19) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, यह युवक भी एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़ा हुआ था और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था. सुरक्षा एजेंसियों को उसके बारे में पहले से इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर उसे पकड़ने की योजना बनाई गई थी। 

इसके बाद रविवार को भी सुरक्षा बलों ने अभियान जारी रखा और इम्फाल ईस्ट जिले के संजेनबाम खुनौ इलाके में एक और उग्रवादी को उसके घर से गिरफ्तार किया गया. हालांकि पुलिस ने इस आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन शुरुआती जांच में उसके भी एक प्रतिबंधित संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई है. इस तरह दो दिनों में चार अलग-अलग उग्रवादियों की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता मानी जा रही है। 

पीटीआई के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से राज्य में सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. सुरक्षा एजेंसियां अब इन आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क, फंडिंग और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं. मणिपुर में लंबे समय से उग्रवाद एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, खासकर सीमावर्ती इलाकों में। ऐसे में इस तरह की कार्रवाई से न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है, बल्कि आम लोगों में भी भरोसा बढ़ता है। 

 

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Author: Editor

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