March 14, 2026 1:25 am

मनेंद्रगढ़ वनमंडल में भ्रष्टाचार का बोलबाला DFO के घोटालों के आगे नतमस्तक भाजपा सरकार

  • DFO से लेकर रेंजर तक घोटालों की जड़ें, भाजपा सरकार मूकदर्शक या संरक्षक?

मनेंद्रगढ़ (छत्तीसगढ़)अब्दुल सलाम क़ादरी
छत्तीसगढ़ का मनेंद्रगढ़ वनमंडल इन दिनों जंगलों की सुरक्षा नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और सरकारी धन की खुली लूट को लेकर चर्चा में है। आरोप हैं कि डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (DFO) से लेकर एसडीओ और रेंजर स्तर तक घोटालों की ऐसी सुनियोजित श्रृंखला चल रही है, जिसके आगे भाजपा सरकार नतमस्तक नजर आ रही है

वन विभाग, जिसे जंगल और वन्यजीवों की रक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वही विभाग आज ठेकेदारों, दलालों और भ्रष्ट अधिकारियों के गठजोड़ का अड्डा बनता जा रहा है।


🔥 एक नहीं, कई घोटाले — पूरा वनमंडल सवालों के घेरे में

मनेंद्रगढ़ वनमंडल में बीते वर्षों में सामने आए मामलों पर नजर डालें तो तस्वीर बेहद गंभीर है —

▶️ एएनआर (Assisted Natural Regeneration) योजना घोटाला

वनों के पुनर्जीवन के नाम पर लाखों-करोड़ों रुपये की योजनाएं कागजों में पूरी दिखा दी गईं।
जमीन पर न पौधे हैं, न सुरक्षा, लेकिन फाइलों में भुगतान पूरा।
सूत्र बताते हैं कि फर्जी मस्टर रोल, कागजी निरीक्षण और झूठे फोटो के जरिए राशि निकाल ली गई।

▶️ रोपण कार्यों में भारी अनियमितता

जहां जंगल दिखना चाहिए, वहां खाली जमीन और झाड़ियाँ नजर आती हैं।
रोपण कार्य केवल फाइलों और बिलों तक सीमित रह गया है।

▶️ लकड़ी तस्करी और अवैध कटाई को संरक्षण

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी बिना विभागीय मिलीभगत के संभव नहीं।
रातों-रात जंगल साफ होते हैं और अधिकारी आंखें मूंदे रहते हैं — सवाल उठता है, किसकी सहमति से?


💰 रेंजर से लेकर एसडीओ तक ‘कमीशन सिस्टम’ का आरोप

सूत्रों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का दावा है कि —

  • हर कार्य का फिक्स कमीशन रेट तय है
  • ठेकेदारों से लेकर मजदूरी भुगतान तक में कट
  • शिकायत करने वालों को धमकी या फाइलों में उलझाने की रणनीति

यही कारण है कि कई शिकायतें दबा दी गईं, न जांच हुई, न कार्रवाई।


⚖️ RTI और शिकायतों की उड़ाई जा रही धज्जियां

सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत मांगी गई जानकारियों को —

  • नहीं दी जाती जानकारी
  • अधूरी और भ्रामक जानकारी भेजी गई
  • कई मामलों में कानून की खुली अवहेलना की गई

एक जिम्मेदार आईएफएस अधिकारी से ऐसी कार्यप्रणाली संविधान और प्रशासनिक मर्यादा पर सीधा प्रहार मानी जा रही है।


🏛️ भाजपा सरकार पर सबसे बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि —

  • इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अब तक ठोस जांच क्यों नहीं?
  • दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
  • क्या वन विभाग के ये अधिकारी राजनीतिक संरक्षण में काम कर रहे हैं?

विपक्ष का आरोप है कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के आगे घुटने टेक दिए हैं, और यही वजह है कि मनेंद्रगढ़ वनमंडल आज घोटालों का गढ़ बन चुका है।


🌲 जंगल उजड़ रहे, भरोसा टूट रहा

इस पूरे खेल में सबसे बड़ा नुकसान —

  • जंगलों का
  • वन्यजीवों का
  • और आम जनता के भरोसे का

जिन योजनाओं से हरियाली आनी थी, वे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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