- मनरेगा पर हमला: गरीब–मजदूर–ग्रामीणों के अधिकारों पर सीधा प्रहार
मनेंद्रगढ़ (कोड़ा बाजार)।
केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को हटाने तथा इस जनकल्याणकारी योजना को कमजोर/समाप्त करने की मंशा के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी (एमसीबी) के आह्वान पर कोड़ा बाजार में एक विशाल आम सभा का आयोजन किया गया। सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, ग्रामीण, मजदूर और आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए।

आम सभा का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री अशोक श्रीवास्तव ने किया। उपस्थित जनसमूह ने एकजुट होकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया और मनरेगा को हर हाल में बचाने का संकल्प लिया।
सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री अशोक श्रीवास्तव ने कहा,
“मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण परिवारों के जीवन की सुरक्षा कवच है। महात्मा गांधी जी के नाम को हटाने की साजिश दरअसल समानता, श्रम और सामाजिक न्याय की गांधीवादी विचारधारा पर सीधा हमला है। कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी कदम को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी और सड़क से लेकर संसद तक निर्णायक संघर्ष करेगी।”

जिला कांग्रेस प्रवक्ता श्री सौरव मिश्रा ने कहा,
“भाजपा सरकार लगातार गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। मनरेगा को कमजोर करना रोजगार छीनने की साजिश है। यह केवल नाम बदलने का मुद्दा नहीं, बल्कि मजदूरों की मजदूरी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को खत्म करने का प्रयास है। कांग्रेस पार्टी हर मंच पर इसका विरोध करेगी।”
आदिवासी नेता श्री युधिष्ठिर कमरों ने कहा,
“आदिवासी और ग्रामीण समाज के लिए मनरेगा जीवनरेखा है। इस योजना को समाप्त या कमजोर करना आदिवासी समाज को एक बार फिर पलायन, बेरोजगारी और भुखमरी की ओर धकेलने जैसा है। महात्मा गांधी के नाम और विचारों पर हमला आदिवासी समाज कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।”
भौता सरपंच श्री अमृत सिंह ने कहा,
“मनरेगा ने गांवों को रोजगार, सम्मान और आत्मनिर्भरता दी है। भाजपा सरकार की गांव और गरीब विरोधी मानसिकता इस योजना को कमजोर करने में साफ झलकती है। ग्राम पंचायतें और ग्रामीण जनता कांग्रेस के साथ मिलकर मनरेगा बचाने की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगी।”
आम सभा के अंत में उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि जब तक मनरेगा और गरीब–मजदूर–ग्रामीणों के अधिकार सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक कांग्रेस पार्टी का यह जनआंदोलन निरंतर और निर्णायक रूप से जारी रहेगा।






















