भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से सामने आ गई. भोपाल में कांग्रेस के अनुसूचित विभाग की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तंज कसते नजर आए. जीतू पटवारी ने भी प्रतिक्रिया में खुद को दिग्विजय सिंह का चेला बता दिया. इस पर दिग्विजय ने कहा, 'गुरु गुड़ रह गया और चेला शक्कर हो गया' .
भोपाल स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक के दौरान दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की संगठनात्मक नियुक्तियों पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज और बसोड़ समाज को प्रदेश कांग्रेस में उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. उन्होंने मंच पर बैठे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, 'ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में आपकी जो पकड़ है, वो हम लोगों की थोड़ी न है. आप जो कहोगे, केसी वेणुगोपाल से लिखवाकर ले आओगे. जितने प्रिय आप वेणुगोपाल के हो, कोई दूसरा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष उतना नहीं है।
दिग्विजय सिंह की इस बात पर बैठक में मौजूद सभी नेता और कार्यकर्ता हंसने लगे. तभी जीतू पटवारी ने कहा, 'सर मैं भी एक बात कहूं… चेला तो आपका ही हूं.' इस पर दिग्विजय ने कहा, 'आप मेरे चेले हो, लेकिन गुरु गुड़ रह गया और चेला शक्कर बन गया.' दोनों नेताओं की इस टीका-टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरुनी कलह का दावा किया है. मध्य प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता दुर्गेश केसवानी ने कहा कि दिग्विजय सिंह कांग्रेस के 'संगठन सृजन' कार्यक्रम का 'विसर्जन' करते नजर आ रहे हैं।
केसवानी ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह का स्वभाव पहले से ही ऐसा रहा है और कमलनाथ सरकार के समय भी वह सरकार के कामकाज में दखल देते थे. उन्होंने यह भी कहा कि दिग्विजय को इस बात की नाराजगी है कि जीतू पटवारी ने उनके पुत्र जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाकर उनका कद कम कर दिया है, जिसके चलते वह लगातार पटवारी पर निशाना साध रहे हैं. बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर गंभीर खींचतान चल रही है और यह स्थिति गृह युद्ध जैसी है।
वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच हुई इस टीका-टिप्पणी को सामान्य करार दिया. कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि मंच पर हुआ यह संवाद दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल और मजबूत नेतृत्व को दर्शाता है. उन्होंने बीजेपी को अपने संगठन पर ध्यान देने की सलाह दी. वहीं कार्यक्रम के बाद जब मीडिया ने जीतू पटवारी से दिग्विजय सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया चाही, तो उन्होंने कुछ भी बोलने से से इनकार कर दिया।






















