October 1, 2026 11:48 pm

हसदेव की अंडरग्राउंड खदानों में ठेका खेल? करोड़ों के कामों की स्वतंत्र जांच की मांग

अब्दुल सलाम कादरी-एडिटर इन चीफ

  • करोड़ों के कामों का जमीनी सत्यापन हो—ठेकेदारों के कार्यों की स्वतंत्र जांच की मांग, DGMS निरीक्षणों की भी हो पड़ताल

विशेष खोजी रिपोर्ट | खबर 30 दिन। बीबीसी लाईव

हसदेव एरिया। SECL के हसदेव एरिया की अंडरग्राउंड कोयला खदानों में ठेके के माध्यम से कराए जा रहे विभिन्न कार्य अब जांच के दायरे में लाने की मांग उठ रही है। उपलब्ध सार्वजनिक टेंडर रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि वर्ष 2026 में हसदेव एरिया की कई भूमिगत खदानों में लाखों रुपये मूल्य के अलग-अलग कार्य टेंडर किए गए हैं। इनमें Baherabandh UG, Haldibari UG, Kurja UG और Jhiria UG जैसी खदानें शामिल हैं।

मसलन, Baherabandh UG Mine में Endless Haulage Maintenance का टेंडर लगभग ₹1.096 करोड़ का है। Haldibari UG में 4A Bottom Seam के पंप एवं पाइपलाइन मेंटेनेंस का कार्य लगभग ₹50.08 लाख का दर्ज है। Kurja UG में 52 RCC ventilation stoppings का कार्य लगभग ₹35.70 लाख और Jhiria UG में अलग-अलग पंपिंग, ड्रेन तथा बेल्ट से जुड़े कार्य भी टेंडर प्रक्रिया में हैं।

सवाल काम होने का नहीं, काम कितना हुआ इसका है

अंडरग्राउंड खदान में किसी कार्य का वास्तविक मूल्यांकन केवल कागजी Completion Certificate या बिल के आधार पर नहीं किया जा सकता। जांच का विषय होना चाहिए कि—

  • टेंडर में स्वीकृत कार्य वास्तव में मौके पर हुआ या नहीं?
  • BOQ में दर्ज मात्रा के मुकाबले वास्तविक कार्य कितना हुआ?
  • माप पुस्तिका यानी MB में दर्ज माप सही है या नहीं?
  • ठेकेदार को भुगतान से पहले किस अधिकारी ने स्थल सत्यापन किया?
  • कार्य की गुणवत्ता की जांच किसने की?
  • बिल के साथ लगाई गई तस्वीरें वास्तविक स्थान और वास्तविक कार्य की हैं या नहीं?
  • मजदूर आधारित कार्यों में वास्तविक मजदूर कौन थे?
  • मशीनरी/पंप/कन्वेयर/हॉलाज जैसे कार्यों में वास्तविक मेंटेनेंस हुआ या सिर्फ रिकॉर्ड तैयार हुआ?

कई कार्य सीधे खदान की सुरक्षा से जुड़े हैं

यह मामला केवल सामान्य ठेका कार्यों तक सीमित नहीं है। उदाहरण के तौर पर Kurja UG में ventilation stoppings, Haldibari UG में pumps एवं पाइपलाइन, Baherabandh UG में endless haulage, तथा Jhiria UG में sump cleaning और drainage जैसे कार्य भूमिगत खदान के संचालन और सुरक्षा से जुड़े हैं।

इसीलिए इन कार्यों में यदि कहीं कागज और जमीन के बीच अंतर है तो उसका असर केवल वित्तीय पारदर्शिता पर नहीं बल्कि माइन सेफ्टी के सवाल पर भी पड़ सकता है।

DGMS के निरीक्षण रिकॉर्ड भी सार्वजनिक हों

इस मामले में Directorate General of Mines Safety (DGMS) की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। DGMS की आधिकारिक वेबसाइट पर Mines Act, 1952 तथा Coal Mines Regulations, 2017 सहित संबंधित सुरक्षा कानून उपलब्ध हैं। DGMS की 2024 वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार देश की कोयला खदानों में उस वर्ष 3,315 inspections और 963 enquiries दर्ज की गईं तथा निरीक्षणों के आधार पर 123 Improvement Notices जारी किए गए।

लेकिन हसदेव एरिया की प्रत्येक संबंधित UG खदान में किस तारीख को DGMS निरीक्षण हुआ, किस अधिकारी ने किया, किन कमियों को दर्ज किया गया और उसके बाद क्या अनुपालन हुआ—इनका खदानवार रिकॉर्ड सामने आना चाहिए।

यदि किसी कार्य या सुरक्षा व्यवस्था का DGMS निरीक्षण रिकॉर्ड में उल्लेख है तो उसका Inspection Report, निरीक्षण की तारीख, निरीक्षण अधिकारी, दर्ज आपत्तियां और Compliance Report सार्वजनिक जांच के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होंगे।

फर्जी निरीक्षण हुआ है तो दस्तावेजों से सामने आएगा

किसी अधिकारी या DGMS के संबंध में बिना दस्तावेज के फर्जी निरीक्षण का आरोप लगाना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि शिकायतें ऐसी हैं कि निरीक्षण मौके पर हुए बिना कागजों में दर्शाए गए, तो इसकी जांच बेहद आसानी से रिकॉर्ड के आधार पर की जा सकती है।

मसलन जांच में देखा जा सकता है—

Inspection Date → अधिकारी की यात्रा/ड्यूटी → निरीक्षण रिपोर्ट → निरीक्षण के समय की फोटो/रिकॉर्ड → दर्ज कमियां → SECL का Compliance → पुनः निरीक्षण

इन सभी रिकॉर्ड में यदि विरोधाभास मिलता है तो मामला स्वतः गंभीर हो जाएगा।

ठेकेदारों के पिछले कार्यों का भी हो विशेष ऑडिट

मांग यह भी उठ रही है कि हसदेव एरिया की सभी UG खदानों में पिछले कुछ वर्षों में ठेकेदारों द्वारा कराए गए कार्यों का थर्ड पार्टी/स्वतंत्र तकनीकी सत्यापन कराया जाए।

विशेष रूप से निम्न कार्यों को जांच में शामिल किया जा सकता है—

Ventilation Stoppings, Haulage Maintenance, Pump एवं Pipeline Maintenance, Belt Conveyor Installation/Maintenance, Drain Cutting, Sump Cleaning, Stone Dusting, White Washing, Line Packing, Material Transportation तथा Underground Safety-related Works.

हालिया टेंडर रिकॉर्ड में हसदेव एरिया के Kurja UG, Haldibari UG, Baherabandh UG और Jhiria UG में ऐसे कई कार्य दर्ज हैं।

जांच के लिए 10 साल का रिकॉर्ड खंगालने की जरूरत

यदि वास्तव में वित्तीय अनियमितता की आशंका है तो केवल एक-दो टेंडर की जांच पर्याप्त नहीं होगी। प्रत्येक UG खदान के पिछले 5–10 वर्षों के ठेका कार्यों का रिकॉर्ड निकालकर यह देखा जाना चाहिए कि—

एक ही प्रकार का कार्य कितनी बार हुआ, किस ठेकेदार को मिला, कितनी राशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान हुआ, कितनी मात्रा का कार्य दर्ज है और मौके पर वर्तमान में उस कार्य की वास्तविक स्थिति क्या है।

अब जिम्मेदारी तय करने का समय

हसदेव एरिया की भूमिगत खदानों में होने वाले कार्यों में करोड़ों रुपये का सार्वजनिक धन जुड़ा है। इसलिए सवाल किसी एक ठेकेदार पर आरोप लगाने का नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने का है।

SECL प्रबंधन को सभी UG ठेका कार्यों का भौतिक सत्यापन कराना चाहिए और DGMS से संबंधित निरीक्षणों की भी स्वतंत्र रूप से रिकॉर्ड आधारित समीक्षा होनी चाहिए।

यदि जांच में कार्य मौके पर नहीं मिला, माप पुस्तिका और वास्तविक मात्रा में अंतर पाया गया, भुगतान के मुकाबले काम कम मिला अथवा निरीक्षण रिकॉर्ड में गंभीर विसंगतियां सामने आईं, तो संबंधित ठेकेदार के साथ-साथ माप, सत्यापन, स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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