July 25, 2026 12:29 am

युवा सड़कों पर, सत्ता सवालों के घेरे में! क्या देश में बदलाव की आंधी चल पड़ी है?

अब्दुल सलाम क़ादरी

  • देश की राजनीति एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी दिखाई दे रही है। रोजगार, शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर लगातार सड़कों पर उतर रहा युवा अब सत्ता से सीधे जवाब मांग रहा है। कई जगह हुए छात्र आंदोलनों ने यह संदेश दिया है कि नई पीढ़ी अपने भविष्य के सवालों पर चुप रहने को तैयार नहीं है।

राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि जेन-जी और युवाओं के बीच बदलाव की चाह पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। विपक्षी दलों का दावा है कि देश का बड़ा युवा वर्ग मौजूदा सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है और इसका असर आने वाले चुनावों में दिखाई दे सकता है।

हाल के विरोध प्रदर्शनों, भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों और छात्रों के आंदोलनों ने सरकार पर कई सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज कर अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को सामने रख रही है।

सियासी विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले चुनावों में सबसे बड़ी भूमिका युवाओं की होगी। हालांकि “भाजपा का पूरे देश से सफाया तय है” या “80 प्रतिशत युवा एक ही दिशा में हैं” जैसे दावों की पुष्टि किसी आधिकारिक चुनाव परिणाम या सर्वमान्य सर्वेक्षण से नहीं हुई है। यह राजनीतिक दावे हैं, जिनका फैसला अंततः जनता मतदान के जरिए करेगी।

देश की राजनीति में माहौल गर्म है, आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं और युवा केंद्र में हैं। अब यह देखना होगा कि सड़कों पर दिख रहा आक्रोश मतदान केंद्रों तक पहुंचता है या नहीं। लोकतंत्र में आखिरी फैसला हमेशा जनता के वोट से ही होता है।

BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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