August 25, 2026 11:31 am

खरमास 2026: मार्च में कब से कब तक रहेगा, शादी के कितने मुहूर्त हैं उपलब्ध?

सनातन धर्म में खरमास अशुभ समय माना जाता है. ये एक माह की अवधि होती है. अशुभ माने जाने की वजह से इस अवधि में कोई शुभ काम नहीं किया जाता है. एक साल में दो बार खरमास लगता है. पहला खरमास मार्च या अप्रैल में लगता है, तो दूसरा खरमास नवंबर या दिसंबर में लगता है. पंचांग के आधार पर ग्रहों के राजा सूर्य देव के गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करने पर खरमास लगता है.

खरमास के दौरान गृह प्रवेश, मुंडन, विवाह आदि शुभ काम सब रोक दिए जाते हैं. मान्यता है कि जब सूर्य देव गुरु की राशि धनु या मीन में प्रवेश करते हैं, तो सूर्य के प्रभावों में कमी आ जाती है. वहीं गुरु के शुभ प्रभाव भी कम हो जाते हैं. शुभ कामों विशेषकर विवाह के लिए सूर्य और गुरु की शुभता आवश्क मानी जाती है. मार्च के माह में खरमास लगने वाला है. ऐसे में आइए जानते हैं कि खरमास से पहले मार्च के महीने में कितने विवाह मुहूर्त हैं.

मार्च में कब लग रहा है खरमास?
अभी सूर्य देव श​नि की राशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं. पंचांग के अनुसार, सूर्य मीन राशि में 15 मार्च दिन रविवार को 1 बजकर 8 मिनट पर प्रवेश करेंगे. उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी. उसके साथ ही मार्च के खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. ये खरमास एक माह तक रहेगा. इसके बाद सूर्य का मेष राशि में गोचर 14 अप्रैल को सुबह में 9 बजकर 38 मिनट पर होगा. इसी दिन खरमास का समापन होगा.

मार्च 2026 में विवाह मुहूर्त
2 मार्च- सोमवार, 3 मार्च- मंगलवार, 4 मार्च- बुधवार, 7 मार्च- शनिवार, 8 मार्च- रविवार, 9 मार्च- सोमवार, 11 मार्च- बुधवार, 12 मार्च- गुरुवार.

विवाह मुहूर्त तय करते समय रखें इन बातों ध्यान
    अभिजीत मुहूर्त और गोधूलि बेला विवाह के लिए अत्यंत शुभ कही जाती है.
    शुभ करण: किस्तुघ्न, बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज
    विवाह के लिए शुभ तिथियां: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी, त्रयोदशी
    विवाह के लिए शुभ वार:सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त को सबसे सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा वाला होता है. यही कारण है कि प्राचीन काल में विवाह प्रातःकाल या सूर्यास्त के समय होते थे.

 

Editor
Author: Editor

विज्ञापन