रायपुर.
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने आखिरकार सहकारिता विभाग की सबसे अहम कुर्सी पर नियुक्ति कर दी है। आयुक्त, सहकारिता एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां का पद पिछले 10 दिनों से खाली पड़ा था। 31 मई को वरिष्ठ आईएएस अधिकारी महादेव कांवरे के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था।
खाली पद के कारण विभागीय कामकाज प्रभावित हो रहे थे। सहकारी समितियों से जुड़े कई मामलों में निर्णय की गति धीमी पड़ गई थी। अब सरकार ने इस इंतजार को खत्म करते हुए आईएएस रमेश कुमार शर्मा को अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी है।
कांवरे की वापसी की चर्चा, फैसला नहीं
महादेव कांवरे के रिटायरमेंट के साथ ही उनकी वापसी की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। कांवरे ने संविदा नियुक्ति के लिए शासन को आवेदन भी दिया था। मंत्रालय के गलियारों में यह चर्चा थी कि सरकार अनुभव का हवाला देकर उन्हें दोबारा जिम्मेदारी दे सकती है। कई दिनों तक इसी संभावना पर अटकलें चलती रहीं। लेकिन सरकार कोई निर्णय नहीं ले सकी। आवेदन पर न हां हुई, न ना। आखिरकार इंतजार बढ़ता गया और विभाग बिना मुखिया के चलता रहा।
सरकार ने रमेश शर्मा पर लगाया दांव
लंबे इंतजार के बाद सरकार ने नया फैसला लिया। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी रमेश कुमार शर्मा को आयुक्त, सहकारिता एवं रजिस्ट्रार, सहकारी समितियां के पद पर पदस्थ कर दिया गया है। आदेश के अनुसार यह व्यवस्था आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी। नियुक्ति राज्यपाल के नाम से जारी आदेश के जरिए की गई है। आदेश डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी हुआ है। इससे साफ संकेत है कि सरकार ने फिलहाल संविदा नियुक्ति के बजाय नियमित प्रशासनिक व्यवस्था को प्राथमिकता दी है।
गृह विभाग के हैं सचिव
रमेश शर्मा फिलहाल गृह विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। अब उन्हें सहकारिता विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। इसका मतलब यह है कि सरकार ने एक बार फिर भरोसा अनुभवी और सक्रिय अधिकारियों पर जताया है। सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है जब विभाग कई अहम योजनाओं और वित्तीय गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
गृह विभाग में भी शुरू हुई नई चर्चा
रमेश शर्मा को नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही गृह विभाग में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी जगह कौन संभालेगा। फिलहाल सरकार ने गृह विभाग में किसी नई पदस्थापना का आदेश जारी नहीं किया है। ऐसे में विभाग के भीतर जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण की संभावना बढ़ गई है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि गृह विभाग में पहले से सचिव के रूप में कार्यरत हिमशिखर गुप्ता को अतिरिक्त दायित्व दिया जा सकता है।
हिमशिखर गुप्ता के बढ़ सकते हैं अधिकार
हिमशिखर गुप्ता इस समय गृह और श्रम विभाग दोनों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यदि रमेश शर्मा के हिस्से का काम भी उन्हें सौंपा जाता है तो उनकी भूमिका और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। हालांकि इस पर अंतिम फैसला सरकार को लेना है। अभी तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। लेकिन मंत्रालय में चर्चा तेज है कि गृह विभाग के कामकाज की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह सबसे आसान विकल्प हो सकता है।
संविदा पर सस्पेंस, सरकार का संकेत साफ
पूरे घटनाक्रम ने एक बड़ा संदेश भी दिया है। महादेव कांवरे के संविदा आवेदन पर सरकार ने अब तक निर्णय नहीं लिया है। दूसरी तरफ उनकी कुर्सी पर नए अधिकारी की नियुक्ति कर दी गई है। इससे संकेत मिल रहा है कि फिलहाल सरकार संविदा विस्तार के रास्ते पर आगे बढ़ती नहीं दिख रही। हालांकि आवेदन पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। लेकिन सहकारिता विभाग की कुर्सी पर रमेश शर्मा की ताजपोशी ने साफ कर दिया है कि सरकार अब इंतजार के बजाय व्यवस्था आगे बढ़ाने के मूड में है।






















