देश के सबसे बड़े यूट्यूब व्लॉगर्स में से एक सौरव जोशी का नया वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. लेकिन इस बार लोग उनके वीडियो की तारीफ नहीं कर रहे, बल्कि उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे हैं. उनपर आरोप है कि महज एक कंटेंट की कमी की वजह से उन्होंने हजारों लीटर पानी बर्बाद कर दिया.
उनके व्लॉग का एक क्लिप वायरल हो रहा है, जहां वो एक टेम्परेरी स्विमिंग पूल बनवाते हैं. सौरव पहले जमीन में एक बड़ा गड्ढा खुदवाते हैं. फिर उसमें प्लास्टिक की मोटी शीट बिछाई जाती है. इसके बाद एक टैंकर से करीब 6,000 लीटर साफ पानी उस गड्ढे में भर दिया जाता है. देखते ही देखते वो गड्ढा एक छोटे स्विमिंग पूल में बदल जाता है.
इसके बाद सौरव, उनके दोस्त और कई बच्चे उस पूल में उतरकर खूब नहाते हैं, पानी में खेलते हैं और मस्ती करते हैं. वीडियो देखने में मजेदार जरूर लगता है, लेकिन जैसे ही ये इंटरनेट पर वायरल हुआ, लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए.
'एक वीडियो के लिए इतना पानी क्यों?'
कई लोगों का कहना है कि आज देश के कई हिस्सों में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं. कहीं पीने का पानी नहीं है, तो कहीं लोग रोज कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं. ऐसे में सिर्फ एक व्लॉग बनाने के लिए हजारों लीटर साफ पानी इस्तेमाल करना सही नहीं है.
एक यूजर ने लिखा- इतने पानी में तो कई परिवार कई दिनों तक अपना काम चला लेते हैं. दूसरे ने कहा- आजकल का नया फॉर्मूला है… पानी बहाओ, बर्बादी करो और व्यूज कमाओ. वहीं एक और यूजर ने लिखा- इतने बड़े यूट्यूबर हैं, तो समाज के लिए अच्छी मिसाल भी पेश करनी चाहिए.
फैंस ने भी किया बचाव
हालांकि, हर कोई सौरव के खिलाफ नहीं है. उनके फैंस का कहना है कि अगर उन्होंने अपने पैसों से पानी का टैंकर मंगवाया है, तो उसका इस्तेमाल कैसे करना है, ये उनका निजी फैसला है. कुछ लोगों ने लिखा- जिसे वीडियो पसंद नहीं है, वो मत देखो. हर बात पर विवाद करना जरूरी नहीं है.
अब सोशल मीडिया पर दो तरह की राय देखने को मिल रही है. एक तरफ लोग इसे पानी की बर्बादी बता रहे हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग इसे सिर्फ मनोरंजन और कंटेंट का हिस्सा मान रहे हैं.
फिलहाल सौरव जोशी का ये वीडियो इंटरनेट पर खूब चर्चा बटोर रहा है. लेकिन इसके साथ ही एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है- क्या सिर्फ व्यूज और मनोरंजन के लिए हजारों लीटर साफ पानी खर्च करना सही है, जब देश के कई हिस्सों में लोग आज भी पानी की कमी से जूझ रहे हैं.






















