कटनी
मध्य प्रदेश के कटनी जिले में हत्यारोपित से एक करोड़ कीमत की जमीन 18 लाख में अपने करीबी के नाम कराने वाली निलंबित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) नेहा पच्चीसिया व उनके दो करीबियों पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है।
इस मामले की जांच के दायरे में कई अधिकारी और पुलिसकर्मी भी आ रहे हैं, जिन्होंने सीएसपी की मदद की है। मामले में नेहा और उनके दोनों करीबियों के खिलाफ गुरुवार को एफआइआर दर्ज हुई। शुक्रवार को उन समेत छह पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
इस बीच, सीएसपी और उनके करीबी क्षितिज राज बारापत्रे की ओर से जिला न्यायालय में अग्रिम जमानत का आवेदन दिया गया, लेकिन शनिवार को केस डायरी देरी से पहुंचने के कारण उस पर सुनवाई नहीं हो सकी।
अब सोमवार को सुनवाई हो सकती है। वहीं, पुलिस ने तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जबलपुर समेत अन्य शहरों व राजस्थान तक टीमों को भेजा है। जबलपुर आइजी प्रमोद कुमार वर्मा ने मामले की जांच एएसपी अंजना तिवारी को सौंपी है।
बता दें कि कटनी सीएसपी नेहा पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में हत्यारोपित पर दबाव बनाकर उससे एक करोड़ कीमत की जमीन अपने करीबी के नाम 18 लाख रुपये देकर करा ली।
बंगले में दो दिन रखा, सरकारी गाड़ी से रजिस्ट्री-आईजी जबलपुर द्वारा कराई गई जांच में सामने आया है कि सीएसपी नेहा ने हत्यारोपित रमेश लोधी को दो दिन तक अपने शासकीय आवास में बंधक बनाकर रखा था।
उसे सीएसपी की सरकारी गाड़ी में बैठाकर रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया था। रजिस्ट्री के बाद जब रमेश ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की और पटवारी के पास नामांतरण रोकने का आवेदन दिया, तो सीएसपी ने उसे धमकी दी थी कि यदि वह जेल जाने से बचना चाहता है, तो 75 लाख रुपये और देने होंगे। पैसे देने से इनकार करने पर सीएसपी ने रमेश और उसके दामाद को मुकदमे में शामिल कर जेल भिजवा दिया था।
एयर होस्टेस से डीएसपी तक का सफर-नेहा पच्चीसिया मूल रूप से राजगढ़ जिले के पचोर तहसील की निवासी है। उनके पिता शिक्षक थे। वह पहले एयर इंडिया में एयर होस्टेस थीं।
एमपी-पीएससी के 2016 में आए परिणाम में प्रदेश में 20वीं रैंक हासिल कर डीएसपी बनी। पहली पोस्टिंग गुना जिले में हुई थी, वहां पर भी आइजी से विवाद के चलते उनका स्थानांतरण हुआ।
कोरोना काल में देशभक्ति गीतों पर डांस कर लोगों को मोटिवेट करने पर सम्मान भी मिला था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल और खंडवा में तैनात रहीं। 2025 में कटनी में सीएसपी बनाया गया था।
एयर होस्टेस से सिटी एसपी बन पेश की थी मिशाल
इन दिनों पुलिस अधिकारी नेहा पचिसिया चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। कभी एयर होस्टेस रहीं नेहा पर हत्या के आरोपी के परिवार से 15 लाख रुपये मांगने और आरोपी के पिता की जमीन को उसकी असल कीमत से बहुत कम दाम पर अपने एक सहयोगी के नाम ट्रांसफर करवाने का आरोप है।
कौन हैं नेहा पचिसिया?
नेहा पचिसिया मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली हैं। पुलिस सेवा में आने से पहले उन्होंने एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम किया। 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने एविएशन की पढ़ाई की और एयरलाइन सेक्टर में कदम रखा।
बाद में पचिसिया ने सरकारी नौकरी में जाने का फैसला किया। उन्होंने 2012 में MPPSC परीक्षा दी और 2016 में उसका फाइनल रिजल्ट आया। उन्होंने राज्य में 20वीं रैंक हासिल की और डीएसपी के तौर पर पुलिस सेवा जॉइन की।
उनकी पहली पोस्टिंग गुना में सीएसपी के तौर पर हुई थी। बाद में उन्होंने भोपाल में पुलिस मुख्यालय में काम किया और खंडवा में भी तैनात रहीं। मई 2025 में उनका तबादला कटनी कर दिया गया और उन्हें शहर का सीएसपी नियुक्त किया गया।
गुना में सिटी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (CSP) के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें तीन पुलिस स्टेशनों में महिलाओं के लिए मोबाइल पुलिस स्टेशन शुरू करने का श्रेय दिया जाता है। इसका मकसद महिलाओं को उनके घरों के पास ही कुछ विवादों को सुलझाने की सुविधा देना था।
क्या आरोप लगे हैं?
यह मामला मुख्य रूप से जमीन के एक विवादित सौदे से जुड़ा है। आरोपों के मुताबिक, लगभग 80 लाख रुपये की कीमत वाली जमीन एक एजेंट के जरिए सिर्फ 18 लाख रुपये में खरीदी गई थी। बताया जाता है कि यह जमीन हत्या के एक मामले में आरोपी व्यक्ति से जुड़ी हुई थी।
आईजी जबलपुर की कराई गई जांच में सामने आया है कि सीएसपी ने पीड़ित रमेश लोधी (निवासी कन्हवारा) को रंगनाथ नगर थाना में रखने के साथ ही दो दिन तक अपने शासकीय आवास में बंधक बनाकर रखा।
रजिस्ट्री वाले दिन पीड़ित भाग न जाए या किसी से शिकायत न कर दे, इसको लेकर उसे अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया था। जमीन गंवाने के बाद जब पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की और पटवारी के पास नामांतरण रोकने का आवेदन दिया, तो सीएसपी ने रमेश पर दर्ज एक हत्या के केस का फायदा उठाते हुए धमकी दी कि यदि वह जेल से बचना चाहता है, तो उसे 75 लाख रुपये और देने होंगे।
सीएसपी ने दावा किया था कि रकम मिलने पर वह कोर्ट में बयान बदलवाकर उसे बरी करवा देंगी। पैसे देने से इनकार करने पर सीएसपी ने रमेश और उसके दामाद को मुकदमे में शामिल कर जेल भिजवा दिया।
एक ट्रांसपोर्टर ने पचिसिया पर जबरन वसूली के आरोप भी लगाए थे। बाद में कुथला पुलिस स्टेशन में पचिसिया, मारूफ अहमद और क्षितिज राज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
कटनी में सीएसपी रहीं ख्याति मिश्रा भी चर्चा में रहीं
कटनी के सीएसपी के पद पर नेहा से पहले ख्याति मिश्रा पदस्थ रहीं। एसपी अभिजीत रंजन से उनकी करीबी और पति से उनका विवाद चर्चा में रहा। सीएसपी बंगले में ही पति के परिवार के साथ पुलिस ने मारपीट की थी।






















