August 28, 2026 10:16 pm

MP में सर्वाइकल कैंसर की रफ्तार चिंताजनक, हर साल 4 हजार महिलाएं हो रहीं शिकार

ग्वालियर 
 कैंसर से हर साल दुनियाभर में करोड़ों मौतें होती हैं. भारत में भी इसके आंकड़े डरावने हैं. बात करें मध्यप्रदेश की तो 2025 में यहां कैंसर के 88 हजार से ज्यादा नए मरीज सामने आए थे. लेकिन कई प्रकार के कैंसर में से एक सर्वाइकल कैंसर मध्य प्रदेश को तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है. चिंता की बात ये है कि हर साल लगभग 4 हजार महिलाएं प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित हो रही हैं. चौंकाने वाली बात तो ये है कि अकेले ग्वालियर में पिछले 5 सालों में 1800 से ज्यादा सर्वाइकल कैंसर के मामले दर्ज हुए। 

महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर, लेकिन जानलेवा
ग्वालियर अंचल में सर्वाइकल कैंसर दूसरे कैंसर की तुलना में तेजी से पैर पसार रहा है. 100 में 99 महिलाओं में होने वाला यह कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) के संक्रमण की वजह से होता है. आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार स्तन कैंसर के बाद यह महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम कैंसर है. ये ऐसी बीमरी है कि, समय पर पता चल जाए तो इलाज के जरिए मरीज ठीक भी हो सकता है लेकिन बाद में मरीज का बचना मुश्किल होता है. ग्वालियर में इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं 

5 सालों में लगातार बढ़ा सर्वाइकल कैंसर का ग्राफ
ग्वालियर में बीते पांच वर्षों में हर साल सर्वाइकल कैंसर के केस बढ़े हैं, जहां 2021 में ग्वालियर में 288 केस सामने आए थे, वहीं साल दर साल ये संख्या बढ़ती जा रही है. ग्वालियर स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बीते 5 सालों में से 2021 में 288, 2022 में 359, 2023 में 335, 2024 में 349 और 2025 में अब तक सर्वाधिक 368 महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर पाया गया.जबकि 1 जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 तक ही 158 केस हो चुके हैं. यानी पांच सालों में 1857 मामले आए हैं. ये वे आंकड़े हैं जो सरकारी अस्पतालों तक पहुचे हैं. और सरकारी रिकॉर्ड में हैं. इसके अलावा ग्वालियर से बाहर इलाज कराने वाली महिलाएं रिकॉर्ड में नहीं हैं। 

क्या होता है सर्वाइकल कैंसर?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारी है, जो गर्भाशय ग्रीवा यानि बच्चेदानी के निचले हिस्से की कोशिकाओं में होने वाला कैंसर है. यह अचानक नहीं होता बल्कि महिला के ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संपर्क में आने पर फैलता है. यदि समय पर इसे डिटेक्ट ना किया जाए और समय पर इलाज ना मिले तो ये जानलेवा हो सकता है। 

सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे कारगर तरीका
इन हालातों पर जब हमने विशेषज्ञों से संपर्क किया तो कैंसर हॉस्पिटल की सीनियर डॉक्टर गुंजन श्रीवास्तव के मुताबिक, '' महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर साइलेंट किलर माना जाता है. कैंसर से मौतों के मामले में सबसे ज्यादा मृत्यु सर्वाइकल कैंसर की वजह से होती है. किशोरावस्था में खासकर 9 से 15 वर्ष की आयु में ही बेटियों को एंटी एचपीवी वैक्सीन लगवा देना चाहिए, क्योंकि ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के संपर्क में आने से पहले अगर वैक्सीन लग जाती है तो यह ज्यादा कारगर होती है. और सर्वाइकल कैंसर से बचाव करती है.'' डॉ गुंजन श्रीवास्तव के मुताबिक 30 साल की उम्र के बाद महिलाओं को खासकर शादीशुदा महिलाओं को पैप स्मीयर टेस्ट हर तीन साल में करना चाहिए। 

कैसे पहचानें सर्वाइकल कैंसर के लक्षण?
जया आरोग्य अस्पताल समूह के ऑनकोलॉजी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. अक्षय निगम कहते हैं, '' सर्वाइकल कैंसर अपने प्री कैंसर स्टैट्ज में कुछ मुख्य लक्षणों से पहचाना जा सकता है. और पहली ही स्टेज में इलाज के द्वारा पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. इसके मुख्य लक्षण हैं, महिलाओं में पेल्विक पेन, अनियमित रक्तस्राव, बदबूदार डिस्चार्ज, लगातार वाइट डिस्चार्ज. ऐसा होने पर तुरंत स्त्रीरोग विशेषज्ञ से जांच कराना चाहिए. और अगर जांच में सर्वाइकल कैंसर की पुष्टि होती है तो तुरंत कैंसर विशेषज्ञ से कंसल्ट करें। 

मध्यप्रदेश में किशोरियों को निशुल्क लगाई जा रही वैक्सीन
मध्यप्रदेश में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को देखते हुए शासन द्वारा भी स्वास्थ्य विभाग के जरिए 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को निशुल्क टीकाकरण कराया जा रहा है. लगातार प्रचार प्रसार से लोगों में जागरूकता भी आई है. ग्वालियर के जिला टीकाकरण अधिकारी दे आरके गुप्ता के मुताबिक, "शासन सर्वाइकल कैंसर से बचाव के बचाव के लिए 14 से 15 आयु वर्ग की बच्चियों के लिए निशुल्क एचपीवी वैक्सीन लगवा रही है, ग्वालियर में उसके लिए 23311 वैक्सीन का स्टॉक उपलब्ध कराया गया था. अच्छी बात यह है की लोगो ने इस टीकाकरण में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया है जिससे अब तक ग्वालियर जिले में 22472 वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं. और यह काम निशुल्क सभी सरकारी अस्पतालों में लगातार जारी है। 

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Author: Editor

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