अब्दुल सलाम क़ादरी
मरवाही/बिलासपुर। मरवाही वन मंडल की प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) श्रीमती ग्रीष्मी चांद पर सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी उपलब्ध न कराने तथा प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश की अवहेलना करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले को लेकर अब विवाद प्रशासनिक दायरे से निकलकर न्यायिक स्तर तक पहुंच गया है और शिकायतकर्ता द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर किए जाने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अब्दुल सलाम कादरी ने आरटीआई अधिनियम के तहत मरवाही वन मंडल कार्यालय से विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। आरोप है कि डीएफओ कार्यालय द्वारा प्रारंभिक स्तर पर जानकारी देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद मामले में प्रथम अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील प्रस्तुत की गई।
बताया जा रहा है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी, बिलासपुर ने मामले की सुनवाई के बाद बैंक खाता संख्या (अकाउंट नंबर) से संबंधित जानकारी को छोड़कर शेष मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराने का आदेश पारित किया था। आरोप है कि इस आदेश के बावजूद संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई और विभागीय स्तर पर पुनः पत्र जारी कर जानकारी देने से इनकार कर दिया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह कदम न केवल सूचना का अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है, बल्कि वरिष्ठ अधिकारी द्वारा पारित आदेश की भी खुली अवहेलना है। उनका कहना है कि एक जिम्मेदार भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी से ऐसी कार्यप्रणाली की अपेक्षा नहीं की जाती और इससे शासन-प्रशासन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
मामले को गंभीर मानते हुए शिकायतकर्ता ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही है। साथ ही इसकी सूचना एवं शिकायत पत्र मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) बिलासपुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) रायपुर, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली सहित अन्य सक्षम अधिकारियों को भेजे जाने का दावा किया गया है।
इसके अतिरिक्त शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को भी पत्र लिखकर पूरे प्रकरण की जांच कराने तथा संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि अपीलीय प्राधिकारी के आदेशों का पालन ही नहीं किया जाएगा तो सूचना का अधिकार अधिनियम का उद्देश्य प्रभावित होगा और आम नागरिकों का कानून पर विश्वास कमजोर पड़ेगा।
हालांकि, इस संबंध में मरवाही वन मंडल अथवा डीएफओ श्रीमती ग्रीष्मी चांद का पक्ष समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सका क्योकि उनके द्वारा फोन रिसीव नही किया जाता है, उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।






















