June 19, 2026 12:31 am

छत्तीसगढ़ के खोंगापानी क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का सैलाब, आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

अब्दुल सलाम क़ादरी

  • कथित मिलीभगत की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग तेज

खोंगापानी (एमसीबी)। एमसीबी जिले के खोंगापानी क्षेत्र में कथित रूप से अवैध महुआ शराब का कारोबार तेजी से फैलता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांवों से लेकर बस्तियों और मोहल्लों तक अवैध महुआ शराब की बिक्री खुलेआम जारी है, लेकिन जिम्मेदार आबकारी विभाग की ओर से अपेक्षित और प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण शराब कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। लगातार बढ़ते इस कारोबार को लेकर अब विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

युवा और नाबालिग भी चपेट में

क्षेत्रवासियों का कहना है कि अवैध महुआ शराब का जहर धीरे-धीरे पूरे समाज को खोखला कर रहा है। सबसे अधिक चिंता का विषय यह है कि इस नशे की गिरफ्त में युवा वर्ग के साथ-साथ नाबालिग बच्चे भी आते जा रहे हैं। इससे न केवल सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है, बल्कि आने वाली पीढ़ी का भविष्य भी खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की कथित उदासीनता लोगों को खटक रही है।

कोयलांचल तक फैला  नेटवर्क

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि लंबे समय से खोंगापानी क्षेत्र और आसपास के गांवों में अवैध शराब का कारोबार संचालित हो रहा है। लोगों का कहना है कि इस गतिविधि की जानकारी विभागीय अधिकारियों को भी होने की बात कही जा रही है। इसके बावजूद यदि अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है, तो स्वाभाविक रूप से विभाग की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है।

लोगों के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कहीं विभागीय स्तर पर कथित संरक्षण या मिलीभगत के कारण ही अवैध कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

आबकारी विभाग पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि यदि आबकारी विभाग अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और गंभीरता से करता, तो खोंगापानी क्षेत्र में अवैध महुआ शराब का इतना बड़ा नेटवर्क खड़ा नहीं हो पाता। क्षेत्र के कई नागरिकों ने आरोप लगाया है कि समय-समय पर शिकायतें किए जाने के बावजूद स्थिति में कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है।

आखिर कब जागेगा आबकारी विभाग?

क्षेत्रवासियों का कहना है कि आखिर कब तक अवैध शराब माफिया खुलेआम कानून को चुनौती देते रहेंगे और जिम्मेदार विभाग मौन दर्शक बना रहेगा? क्या आबकारी विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल साबित हो रहा है, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही के कारण अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है? यह सवाल अब आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन चुका है।

जिला प्रशासन से निष्पक्ष कार्यवाही की मांग

बढ़ते जनाक्रोश के बीच अब जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि अवैध महुआ शराब के कारोबार में संलिप्त तत्वों के साथ-साथ इस पर नियंत्रण करने में विफल रहे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए।

स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि समय रहते कठोर और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई, तो अवैध शराब का यह जाल आने वाले समय में और भी भयावह रूप धारण कर सकता है।

अब सवाल यह है कि .

  • क्या आबकारी विभाग नींद से जागेगा?
  • क्या खोंगापानी क्षेत्र में अवैध महुआ शराब कारोबार पर लगाम लगेगी?
  • क्या जिला प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा?
  • या फिर खोंगापानी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध महुआ शराब का यह कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा?
BBC LIVE
Author: BBC LIVE

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